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Friday, March 25, 2011

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन


लखनऊ 25 मार्च। आज प्रातः 10.00 बजे सौभाग्य मंडप अलीगढ़ में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के तीन दिनों तक चलने वाले शिक्षण शिविर का उद्घाटन सम्पन्न हुआ। इस राज्य स्तरीय शिविर में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के पूरे राज्य से आये पार्टी के नेता और पदाधिकारी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता बी. राम ने की। मंच पर राज्य मंत्री डा. गिरीश, अलीगढ़ के जिला मंत्री डा. सुहेव शेरवानी, इम्तियाज अहमद, आशा मिश्रा एवं अरविन्द राज स्वरूप उपस्थित रहे। मंच को उद्घाटनकर्ता अजीज पाशा, सांसद एवं पार्टी के केन्द्रीय शिक्षा विभाग के अध्यापक अनिल राजिमवाले एवं कृष्णा झा ने भी सुशोभित किया। सत्र के प्रारम्भ में ही भाकपा राज्य सचिव डा. गिरीश ने देश के प्रसिद्ध आलोचक, लेखक एवं प्रगतिशील लेखक संघ के महामंत्री डा. कमला प्रसाद के आकस्मिक निधन पर शोक प्रस्ताव पेश किया। उपस्थित सभी भागीदारों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत साहित्यकार को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
भाकपा अलीगढ़ के मंत्री डा. सुहेव शेनवानी ने उपस्थित सहभागियों का स्वागत करते हुए आज की राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय परिस्थितियों में पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की राजनैतिक एवं वैचारिक प्रखरता की महती आवश्यकता को रेखांकित करते हुए कहा कि धार्मिक असहिष्णुता एवं जातिवादी उभारों को तेज राजनीतिक धार से ही नकारा जा सकता है और समाज को बेहतर दिशा की ओर ले जाया जा सकता है।
शिक्षण शिविर का उद्घाटन मुख्य अतिथि एवं पार्टी के राष्ट्रीय नेता तथा सांसद अजीज पाशा ने किया। उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश में पार्टी की बड़ी समृद्ध परम्परायें रही हैं। यहाँ पार्टी ने जनता के बड़े-बड़े प्रश्नों को उठाया है। इधर कुछ वर्षों से साम्प्रदायिकता और जातिवाद के असर ने महत्वपूर्ण आर्थिक एवं सामाजिक प्रश्नों को पीछे कर दिया है और लोगों की सोच में बदलाव किया है। पार्टी की कतारों को संघर्ष जारी रखना होगा और संघर्षों को नये ढंग से खड़ा करना होगा ताकि पार्टी की भूमिका नुमाया हो सके। उन्होंने कहा कि पुस्तकें तक लिख दी गयी थीं कि साम्यवाद का भविष्य समाप्त हो चुका है पर लातिन अमरीकी देशों जिनको अमरीका अपना खलिहान समझता था, आज वहां 13 देशों ने अमरीकी पूंजीवाद एवं साम्राज्यवाद को धता बताकर वामपंथी और तरक्की पसंद रूझान की सरकारें बनाई हैं। चीन एवं वियतनाम जैसे देश दुनिया को चकाचौध कर रहे हैं। वियतनाम जैसा छोटा देश चावल के निर्यात करने में नम्बर दो का स्थान हासिल कर लिया है। उन्होंने कहा कि अमरीका की आर्थिक मंदी ने अमरीका एवं यूरोप में कार्ल मार्क्स की लिखित कालजयी पुस्तक ”पूंजी“ में पुनः भारी दिलचस्पी पैदा कर दी है। अतः यह कहना गलत साबित हो चुका है कि साम्यवाद का कोई भविष्य नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश और दुनिया का भविष्य समाजवाद में ही निहित है। उन्होंने अपने सम्बोधन में केन्द्रीय सरकार की आर्थिक नीतियों का भी विश्लेषण करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार उसकी नीतियों में ही निहित है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे दलितों, आदिवासियों और मुस्लिम अल्पसंख्यकों की आवाज और समस्याओं को उठायें। उन्होंने अरब दुनिया में होने वाले परिवर्तनों की ओर भी ध्यान आकर्षित किया और लीबिया में यूरोप और अमरीका की फौजों की बमबारी को तत्काल रोकने की मांग की। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल और केरल में हो रहे चुनावों में विरोधियों का जबरदस्त टक्कर दी जायेगी।
इस अवसर पर पार्टी के राज्य सचिव डा. गिरीश ने वर्तमान देश और दुनियां की परिस्थितियों को समझने के लिए मार्क्सवाद और लेनिनवाद की प्रासंगिकता को रेखांकित करते हुए कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे समाजवाद की रचना के लिए निरन्तर अपने प्रयासों को जारी रखें। ध्वजारोहण अनिल राजिमवाले ने किया।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी